पिछले 3-4 महीने में मार्केट 13%-14 % करेक्ट हो चुका है, तो डर लगना तो लाज़मी है। आपका पोर्टफोलियो रेड जरूर हो गया होगा। आपने न्यूज़ सुना या देखा होगा कि विदेशी कंपनियों ने अपना पैसा निकाल लिया है। जिस वजह से भारतीय शेयर बाजार गिरते जा रहा है। अब आप जानना चाहते होंगे कि आखिर क्या कारण है कि शेयर मार्केट डाउन क्यों हो रहा है?
इसको कुछ प्रश्नो के जरिये समझते है , आपको अपने सवालो के जवाब जरूर मिल जायेंगे कि आपको इस समय क्या करना चाहिए ?, क्यों करना चाहिए? , कब करना चाहिए?
तो, सवाल नंबर 1 पिछले 3-4 महीने में मार्केट 13%-14 % करेक्ट हुआ है,लेकिन क्या भारत की इकोनॉमी पिछले पिछले 3-4 महीने में ख़राब हो गयी है ? हमारा फोरेक्स रिज़र्व ख़त्म हो रहा है ? तो आपका जवाब होगा, “नहीं ऐसा तो नहीं हुआ है, भारत की इकोनॉमी पिछले 3-4 महीने में इतनी भी बुरी नहीं हुई है।”
तो इसके जरिये आपको ये जरूर समझ आ गया होगा कि मार्केट करेक्ट हुआ है न कि क्रैश हुआ है।
देखो जब कोई भी मार्केट ज्यादा महँगी हो जाती है , तो विदेशी निवेश काम होता ही है क्योकि उनको प्रॉफिट होता है। जिसे लेकर वो दूसरे मार्केट में मौके की तलाश में निकल जाते है। अभी भारतीय मार्केट गिरने की वजह भी यही है।
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शेयर मार्केट क्रैश कब होता है?
सवाल नंबर 2, पिछले 4 सालों में जिसमे मार्केट सेंसेक्स 26,000 से जाकर 86,000 तक गया है। तो मार्केट लगभग 3 गुना हो गया। तो क्या हमारी इकोनॉमी 3 गुना मजबूत हुई है ? देश में बेरोज़गारी 3 गुना कम हुई है ? नहीं न।
अब आप समझ गए होंगे कि इकोनॉमी हमारी बढ़ी लेकिन 3 गुना तेज़ी से नहीं। अगर मैं सीधा-सीधा बोलू तो शेयर मार्केट कभी-कभी इकोनॉमी से तेज़ भागने लगता है और कभी- कभी इकोनॉमी से पीछे भी चलता है।
तो जब-जब मार्केट बहुत तेज़ भाग रही हो तो वो करेक्ट होगा ही ऐसा कभी नहीं हो सकता है कि मार्केट हमेशा ओवर चले। ज्यादा से ज्यादा 5 सालो तक तेज़ जा सकती है, लेकिन जल्दी ही करेक्ट हो जाती है।
आज शेयर बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
जब आप मीडिया और इन्फ्लुएंसर को यूट्यूब पर देखोगे तो आप आपको वो बहुत सारे रीज़न मिलेगा जैसे- चीन अच्छा इन्वेस्टमेंट हब बन रहा है , विदेशी निवेश घट रहा है , भारत में महंगाई बढ़ रही है और ऐसे ढेरो रीज़न बताएँगे।
लेकिन मैं आपसे पूछता हूँ क्या ये सब पिछले 4 सालों में नहीं हो रहा था? तो शायद आप समझ गए होंगे कि ये सब पहले भी था।
अब सवाल ये है तो ये अब क्यों हो रहा है , तो जवाब भी आसान है मार्केट अपनी तय स्पीड से तेज़ भाग रहा था , महंगा हो गया था। इसलिए अब करेक्ट होकर अपने सही कीमत पर आ रहा है।
अब आप देख रहे होंगे ऐसे में आपको बहुत सारे लोग आपको अनुमान बेचना चालू करेंगे। जैसे – वो आपको बतायेंगे अब देखना मार्केट 20,000 पर आ जायेगा या 18,000 हज़ार जायेगा आदि।
वहीँ जब मार्केट ऊपर जा रही थी ,तो ये आगे के अनुमान बेच रहे थे कि अब सेंसेक्स 1 लाख से पार जायेगा, कुछ सालों में तो 1.5 लाख भी पार कर जायेगा।
अब आप सच बताओ, आपको क्या लगता है किसी को सच में पता है कि मार्केट किधर जायेगा , अगर हाँ तो कितनो ने आज से 4 महीने पहले बताया की मार्केट 14% तक टूट जाएगी।
क्यों नहीं किसी ने आज से 3 साल पहले कहा कि 86,000 तक जाएगी। लोग बस अपना अनुमान बेचना चाहते है , ताकि उनके व्यूज और कोर्स बेच कर पैसा कमा सके। अगर ऐसा होता कि उन्हें पता होता तो वो लोग खुद मार्केट से पैसा कमाकर दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन जाते।
आपको इस समय क्या करना चाहिए ?
देखो, अभी आपके पास 4 ऑप्शन्स है – आप बेच सकते , होल्ड कर सकते है और ज्यादा खरीद सकते है। इसे थोड़ा डीप में देखते है।
ज्यादा खरीद सकते है – मार्केट 86 हज़ार से कम होकर 74 हज़ार आ गयी है। यानी लगभग 14 % गिर गयी है। आप बताओ क्या सच में भारत की इकोनॉमी भी इतनी ही गिरी है। नहीं न, लेकिन आप जब 86 हज़ार पर मार्केट ने निवेश करने पर ज्यादा कम्फर्ट में थे। लेकिन जब अभी मार्केट थोड़ा सस्ता हुआ है , तो आप डर रहे होंगे इसमें पैसा डालने में। तो अगर आपके पास कैपिटल है। तो जरूर खरीदे।
लॉजिकल थिंकिंग के हिसाब से तो ये अच्छा मौका है , निवेश कर सकते है।
होल्ड कर सकते है – जैसे कि तबसे हम ये बात कर रहे है कि मार्केट करेक्ट हुआ है , यानी ऐसा हमेशा नहीं रहेगा तो डर में आकर आप बेचे नहीं। बल्कि आप अपने पोर्टफोलियो को होल्ड रखे। क्योकि आपको पता ही है ये लॉन्ग टर्म गेम है।
बेच सकते है – अगर तो आप लालच में आकर ज्यादा पैसो की लालच में किसी भी पैनी स्टॉक में निवेश किये थे। तो आप बचे हुए पैसे लेकर निकल जाईये नहीं तो हो सकता है कि ये भी डूब जाए।
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निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार पिछले 3 सालो से बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। बढ़ते- बढ़ते इकोनॉमी से आगे निकल गया था और इतिहास गवाह है। जब – जब शेयर बाजार इकोनॉमी से आगे निकल जाएगी तो मार्केट करेक्ट होगी ही होगी। साफ़ शब्दों में कहूं तो ये बात है कि अगर आपके पास कैपिटल है तो निवेश कीजिये। अगर नहीं कर सकते तो डरिये मत मार्केट उभर कर सही गति से फिर भागेगा।

मेरा नाम राहुल भगत है, मैंने बी.कॉम से ग्रेजुएशन किया है, मैं पिछले 5+ साल से शेयर बाजार और फाइनेंसियल मार्केट में एक्टिव हूँ, मुझे शेयर बाज़ार,निवेश, म्यूच्यूअल फंड्स, इन्स्योरेन्स, बैंक के बारे में 5 साल से ज्यादा का अच्छा अनुभव है I